इंदौर | (Sambhagpost News) पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में भू-माफियाओं और जालसाजों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में इंदौर क्राइम ब्रांच को एक और बड़ी सफलता मिली है। कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के सहारे कृषि भूमि पर अवैध लाभ अर्जित करने वाले गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मुख्य बातें:
गिरफ्तार आरोपी: चंदन कीर और मेहरबान सिंह कीर।
ठगी की राशि: लगभग 3,62,00,000/- ₹
कुल गिरफ्तारियां:
मामले में अब तक 4 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
क्या है पूरा मामला?
आवेदक विशाल सिंह द्वारा क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत करोड़ों की जमीन को लेकर धोखाधड़ी की।
धोखाधड़ी का तरीका:
फर्जी दस्तावेज: आरोपियों ने जमीन के फर्जी अनुबंध पत्र और कूट रचित मानचित्र (नक्शा) तैयार किए।
तथ्य छुपाना:
कोर्ट में सिविल वाद लंबित होने के बावजूद, तथ्यों को छुपाकर अवैध कॉलोनी का नक्शा बनाया गया।
तीसरे पक्ष को बेची जमीन:
आरोपियों ने मिलकर उक्त विवादित भूमि को किसी तीसरे पक्ष को बेच दिया और 3 करोड़ 62 लाख रुपये का अवैध लाभ प्राप्त किया।
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई और गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच की EOW (आर्थिक अपराध शाखा) टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से फरार चल रहे आरोपी चंदन और मेहरबान सिंह को चिन्हित कर दबोच लिया।
“आरोपी चंदन से पूछताछ में पता चला है कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस सिंडिकेट को चला रहा था। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और चेकबुक जब्त की है।”
कानूनी कार्रवाई (BNS के तहत मामला)
इंदौर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
1 अपराध क्रमांक: 188/25
2 धाराएं: 318(4), 340(2), 336(3), 338, 61(2), 3(5) BNS।
जांच जारी:
खुल सकते हैं और भी राज
पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनके बैंक खातों और अन्य फर्जी दस्तावेजों की सघन जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि पूछताछ में शहर के अन्य जमीनी घोटालों और ठगी की वारदातों का खुलासा हो सकता है।
टीम की भूमिका:
इस पूरी कार्रवाई में क्राइम ब्रांच इंदौर की EOW इन्वेस्टिगेशन टीम का विशेष योगदान रहा।
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट “आपकी सुरक्षा – हमारा संकल्प”

