27.3 C
Indore
Monday, March 2, 2026
HomeMadhya PradeshKhargoneऐतिहासिक पहल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहली 'कृषि कैबिनेट' आज, खरगोन...

ऐतिहासिक पहल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहली ‘कृषि कैबिनेट’ आज, खरगोन पहुंचे मंत्रियों का जत्था

बड़वानी/खरगोन (Sambhagpost News) मध्य प्रदेश की राजनीति और कृषि क्षेत्र के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट बैठक बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में आयोजित की जा रही है। इस ऐतिहासिक बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश के दिग्गज मंत्रियों का खरगोन हवाई पट्टी पर जमावड़ा लगा, जहां से वे सड़क मार्ग द्वारा बैठक स्थल के लिए रवाना हुए।

दिग्गज मंत्रियों की मौजूदगी
बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खरगोन हवाई पट्टी पर मंत्रियों का एक बड़ा काफिला पहुंचा। इनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
1). राजेन्द्र शुक्ला (उप मुख्यमंत्री)
2). एदल सिंह कंसाना (कृषि मंत्री)
3). उदयप्रताप सिंह (शिक्षा मंत्री)
4). सम्पत्तिया उइके (पीएचई मंत्री)
5). धर्मेन्द्र लोधी (पर्यटन मंत्री)
कृष्णा गौर, प्रतिमा बागरी और राकेश शुक्ल सहित अन्य राज्य मंत्री।

2026: ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में संकल्प
मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 को प्रदेश सरकार ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि यह बैठक किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेने वाली है और इसका मुख्य उद्देश्य “खेती को लाभ का धंधा” बनाना है।

“यह कृषि कैबिनेट बैठक प्रदेश के किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। हमारी सरकार का लक्ष्य किसानों की आमदनी दोगुनी करना और कृषि ढांचे को मजबूत करना है।”
— राजेन्द्र शुक्ला, उप मुख्यमंत्री

बैठक के मुख्य एजेंडे (संभावित निर्णय)
कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने संकेत दिए कि बैठक में निम्नलिखित विषयों पर ठोस फैसले लिए जा सकते हैं:
1). नवाचार: कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और नवाचारों को बढ़ावा देना।
2). सिंचाई विस्तार: सिंचाई सुविधाओं के दायरे को बढ़ाना ताकि अंतिम छोर के किसान को पानी मिले।
3). आर्थिक मजबूती: किसानों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं का क्रियान्वयन।
4). मार्केटिंग: कृषि उत्पादों के बेहतर दाम सुनिश्चित करने के लिए नई नीतियां।

किसानों में उत्साह की लहर
नागलवाड़ी में होने वाली इस पहली कृषि कैबिनेट को लेकर पूरे प्रदेश के अन्नदाताओं में खासा उत्साह है। विशेषज्ञों का मानना है कि सत्ता का विकेंद्रीकरण (राजधानी से बाहर बैठक) और विशेष रूप से कृषि पर केंद्रित कैबिनेट से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

सभी मंत्री खरगोन हेलीपैड से बड़वानी के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां कुछ ही देर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण मंथन शुरू होगा। प्रदेश के किसानों की नजरें अब नागलवाड़ी से निकलने वाले फैसलों पर टिकी हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular