खरगोन | (संभाग पोस्ट) अपनी लंबित मांगों को लेकर जिले के सरकारी कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को भारतीय मजदूर संघ (BMS) के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों ने शहर में एक प्रभावी ‘आक्रोश रैली’ निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया।
🚩 चौपाटी से कलेक्ट्रेट तक गूंजे नारे
रैली की शुरुआत कुंदा तट स्थित चौपाटी से हुई। हाथों में संगठन के झंडे और अपनी मांगों की तख्तियां लिए कर्मचारियों का हुजूम शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इस दौरान “अभी करो अर्जेंट करो, हमारी मांगें पूरी करो” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा। रैली का मुख्य उद्देश्य शासन का ध्यान अपनी ओर खींचना और वर्षों से लंबित मांगों पर त्वरित निर्णय करवाना था।
🤝 28 विभागों का मिला समर्थन
इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें केवल नियमित कर्मचारी ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के श्रमिक शामिल हुए। प्रदर्शन में मुख्य रूप से निम्नलिखित वर्गों की भागीदारी रही:
बाह्य स्त्रोत एवं संविदा कर्मचारी
1). दैनिक वेतनभोगी श्रमिक
2). बिजली विभाग के कर्मचारी
3). आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका
4). सेवानिवृत्त पेंशनर संघ
📄 50 सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन
रैली कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां मुख्यमंत्री के नाम एक 50 सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन को सौंपा गया। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं।
चेतावनी: कर्मचारियों ने स्पष्ट लहजे में कहा है कि यदि शासन ने इन 50 सूत्रीय मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।

