34.1 C
Indore
Saturday, March 7, 2026
HomeMadhya PradeshKhargone'रंग, रिश्ते और रोज़ा' का अनूठा संगम, सद्भावना मंच ने पेश की...

‘रंग, रिश्ते और रोज़ा’ का अनूठा संगम, सद्भावना मंच ने पेश की कौमी एकता की मिसाल

खरगोन |(संभाग पोस्ट) शहर के सद्भावना मार्ग स्थित सांई मंदिर परिसर में ‘सद्भावना मंच’ के तत्वाधान में एक गरिमामयी कार्यक्रम “होली के रंग, रोज़ा-इफ्तार संग” का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने न केवल त्यौहारों की खुशियाँ बांटी, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की एक नई इबारत भी लिखी।

सर्वधर्म समभाव की दिखी झलक

कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं और प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। मंच पर एक साथ:

  • ज्ञानी पवन सिंह (श्री गुरुद्वारा साहब)
  • फादर आशीष डावर (ईसाई समाज)
  • हाफिज तैय्यब इन सभी ने एक साथ बैठकर एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम का आगाज़ ‘कौमी एकता की मशाल’ जलाकर किया गया।

प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति

आयोजन में शहर की कई गणमान्य हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • जगदीश जोशीला (पद्मश्री सम्मानित)
  • परसराम डंडीर (पूर्व विधायक)
  • वीरेंद्र कटारे (एसडीएम)
  • नवनीत लाल भंडारी ‘लिंबू सेठ’ (अध्यक्ष, श्री बीसा नीमा महाजन समाज)

शायर फिगार ने इस पहल की सराहना करते हुए संयोजक अजीज भाई को प्रशंसा पत्र भेंट कर सम्मानित किया।

“हमारा उद्देश्य केवल त्यौहार मनाना नहीं, बल्कि दिलों की दूरियां मिटाना है। 2022 के कठिन समय के बाद प्रशासन के सहयोग और चौपाल बैठकों के जरिए हमने जो संवाद शुरू किया, आज उसी का परिणाम है कि खरगोन में सांप्रदायिक सौहार्द की बयार बह रही है।” — अजीज भाई, संयोजक (सद्भावना मंच)

30 वर्षों से अनवरत जारी है ‘सद्भावना’ का सफर

संयोजक अजीज भाई ने बताया कि यह परंपरा पिछले तीन दशकों से चली आ रही है। विशेषकर 2022 की अप्रिय घटनाओं के बाद, मंच ने पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर काम किया। लोगों के मनमुटाव दूर किए, जिसका सुखद परिणाम हालिया रामनवमी और शिवडोला पर्वों के दौरान देखने को मिला, जहाँ सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के उत्सव में शामिल हुए।

सामाजिक समरसता की मजबूत नींव

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि होली और इफ्तार का यह मिलन केवल दो आयोजनों का मेल नहीं है, बल्कि यह ‘रंग, रिश्ते और रोज़ा’ के माध्यम से एकजुटता का संदेश है। यह पहल समाज में सद्भाव की नींव को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular