खरगोन | (संभाग पोस्ट) मुख्य संवाददाता मध्यप्रदेश का खरगोन जिला कृषि के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। बलवाड़ी में आयोजित दो दिवसीय ‘कृषि विज्ञान मेले’ के शुभारंभ के दौरान जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के सही उपयोग के लिए प्रेरित किया।
‘सफेद मुसली से डॉलर चना तक’ – उत्पादन में अव्वल बनेगा खरगोन
मेले के मुख्य अतिथि विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मेले हमारी संस्कृति की पहचान होने के साथ-साथ सीखने का एक बड़ा मंच हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि:
- वैज्ञानिकों की सलाह और किसानों के अनुभव से जिले की खेती की दिशा बदलेगी।
- खरगोन की जलवायु विविधतापूर्ण है, जिससे यहाँ सफेद मुसली, डॉलर चना, मिर्च और मसालों का बंपर उत्पादन हो रहा है।
- आने वाले समय में खरगोन प्रदेश का सर्वाधिक उत्पादन वाला जिला बनेगा।
प्राकृतिक खेती पर जोर और ई-टोकन व्यवस्था - कलेक्टर भव्या मित्तल ने स्वास्थ्य और कृषि के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- प्राकृतिक खेती का आह्वान: कलेक्टर ने सचेत किया कि पेस्टिसाइड और फर्टिलाइजर का अत्यधिक उपयोग बीमारियों का कारण बन रहा है। इससे बचने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाना अनिवार्य है।
- खाद वितरण के लिए Farmer ID अनिवार्य: आगामी सीजन में खाद की किल्लत से बचने के लिए ‘ई-टोकन व्यवस्था’ शुरू की जा रही है। इसके लिए सभी किसानों को अपनी फार्मर आईडी बनवाना आवश्यक होगा।
- स्वास्थ्य जागरूकता: उन्होंने 14 वर्ष की बालिकाओं के टीकाकरण अभियान का जिक्र करते हुए किसानों से किसी भी भ्रांति में न आने की अपील की।
मेले के मुख्य आकर्षण
इस दो दिवसीय मेले में कृषि जगत की आधुनिक झलक देखने को मिल रही है:
1). 80 से अधिक स्टॉल्स: यहाँ उन्नत बीज, देशी बीज, खाद, दवाइयां और आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया है।
2). ड्रोन प्रदर्शन: खेती में कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन तकनीक का लाइव डेमो दिखाया गया, जो किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
3). गणमान्य उपस्थिति: कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे और नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी ने भी अपने विचार रखे।
4). खास बात: यह मेला न केवल प्रदर्शनी है, बल्कि किसानों को ‘स्मार्ट किसान’ बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

