खरगोन | (संभाग पोस्ट) जिले के कसरावद में होली के पावन पर्व पर एक बार फिर आस्था और चमत्कार का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर के भवानी माता चौक में आयोजित ऐतिहासिक ‘गाड़ा खींचाई’ उत्सव ने हजारों श्रद्धालुओं को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। इस वर्ष यह पारंपरिक आयोजन चंद्र ग्रहण के चलते 4 मार्च को संपन्न हुआ।
चमत्कार या अटूट श्रद्धा? एक साथ खींचे 7 गाड़े
नगर के यादव मोहल्ले के निवासी श्रीराम यादव (बड़वा) ने इस प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया। ढोल-ताशों की गूंज और माता के जयकारों के बीच उन्होंने एक साथ 7 गाड़े खींचकर अपनी अटूट श्रद्धा का परिचय दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह आयोजन किसी चमत्कार से कम नहीं है, जिसे देखने के लिए न केवल कसरावद बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ा।
शादी की रस्मों सा उल्लास: हल्दी से सराबोर हुए श्रीराम
इस आयोजन की सबसे खास बात इसकी अनूठी रस्में हैं। गाड़ा खींचने की प्रक्रिया बिल्कुल एक विवाह उत्सव की तरह निभाई जाती है:
1). हल्दी की रस्म: गाड़ा खींचने वाले श्रीराम यादव को विशेष रूप से हल्दी लगाई गई।
2). शाही सवारी: हल्दी से सराबोर होकर वे सारथी के कंधों पर सवार होकर गाड़ा मैदान तक पहुंचे।
3). गोधुलि बेला: परंपरा के अनुसार, यह पूरी रस्म शाम के समय ‘गोधुलि बेला’ में संपन्न की गई।
“यह वर्षों पुरानी परंपरा है जिसे हम आज भी पूरी पवित्रता के साथ निभा रहे हैं। यह हमारे पूर्वजों की धरोहर और माता के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है।”
प्रशासन रहा मुस्तैद
हजारों की भीड़ और आयोजन की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। भवानी माता चौक और आसपास के रास्तों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि रस्म शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

