इंदौर | (संभाग पोस्ट) शहर की यातायात व्यवस्था को हाई-टेक बनाने और सड़कों पर अनुशासन लाने के लिए इंदौर पुलिस अब ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ का सहारा ले रही है। इसी कड़ी में कल रात शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों— राजवाड़ा, विजयनगर और एमआईजी में पुलिस ने ड्रोन के जरिए विशेष सर्विलांस अभियान चलाया। पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में की गई इस कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य व्यस्त घंटों के दौरान ट्रैफिक जाम से मुक्ति और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना है।
ड्रोन से ‘डिजिटल पेट्रोलिंग’:
रविवार रात 9 बजे से शुरू हुई इस कार्यवाही में हाई-रेजोल्यूशन ड्रोन कैमरों का उपयोग किया गया। राजवाड़ा जैसे भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र में ड्रोन ने आसमान से चप्पे-चप्पे की निगरानी की।
1: लाइव मॉनिटरिंग: ड्रोन से मिल रहे लाइव फुटेज को सीधे कंट्रोल रूम में देखा गया।
2: त्वरित एक्शन: फुटेज के आधार पर कंट्रोल रूम से मौके पर मौजूद पुलिस बल को निर्देश दिए गए, जिससे ट्रैफिक बाधित करने वालों पर तुरंत कार्यवाही की जा सकी।

इन नियमों के उल्लंघन पर रही पैनी नजर :
ड्रोन सर्विलांस के दौरान पुलिस ने मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं को चिन्हित किया और मौके पर चालान काटे :
1: नो पार्किंग : सड़क पर वाहन खड़ा कर जाम लगाने वालों पर जुर्माना।
2: रॉन्ग साइड ड्राइविंग : गलत दिशा में वाहन चलाने वालों को चिन्हित किया गया।
3: लेफ्ट टर्न ब्लॉक करना : लेफ्ट टर्न बाधित करने वाले वाहनों को हटाया गया।
4: अतिक्रमण : दुकानों के सामने अनावश्यक भीड़ और मार्ग अवरुद्ध करने वालों को चेतावनी।
अधिकारियों का संदेश :
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) श्री आर.के. सिंह एवं पुलिस उपायुक्त (यातायात) श्री राजेश कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल निगरानी से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
इंदौर पुलिस की अपील: > “शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए नागरिक नियमों का पालन करें। डिजिटल निगरानी प्रणाली अब पूरी तरह सक्रिय है और ड्रोन फुटेज के आधार पर उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।”

