इंदौर |(संभाग पोस्ट) पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आम नागरिकों को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र (Community Mediation Center) के माध्यम से पुलिस ने न केवल आपसी विवादों को खत्म करवाया, बल्कि मंगलवार को जनसुनवाई में आए प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही करते हुए आवेदकों को 37 लाख 23 हजार रुपये की राशि वापस दिलवाकर संतुष्टिपूर्ण समाधान किया।
🤝 आपसी सामंजस्य से मिला समाधान
इंदौर कमिश्नरेट द्वारा पुलिस आयुक्त के दिशा-निर्देशन में संचालित इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य छोटे-मोटे विवादों को कोर्ट-कचहरी के चक्करों से बचाकर आपसी सुलह के जरिए हल करना है। हाल ही में 17-18 फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान 07 शिकायतों में से 05 प्रकरणों का मौके पर निराकरण किया गया।
💰 प्रमुख प्रकरण जिन पर हुई कार्यवाही:
मध्यस्थता केंद्र की टीम ने तीन बड़े मामलों में आवेदकों को उनकी फंसी हुई राशि वापस दिलाई:
1: मोनिषा पारियानी व अन्यकृषि भूमि सौदे का लेनदेन 24.53 लाख रुपये (चेक द्वारा प्राप्त)
2: पुषविंदर कौर बीमारी के दौरान पैसों की मदद 10,000 रुपये (तत्काल ऑनलाइन भुगतान)
3: अंकित माहेश्वरी (ग्वालियर)व्यापारिक लेनदेन विवाद 12.60 लाख रुपये (सेटलमेंट पर सहमति)
💡 क्या है सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र?
इस केंद्र का शुभारंभ 25 जून 2025 को मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य जिला विधिक न्यायालय प्राधिकरण के सहयोग से निम्नलिखित विवादों को सुलझाना है:
1: सामान्य पारिवारिक और वैवाहिक विवाद।
2: पड़ोसियों के बीच के झगड़े।
3: किरायेदार और मकान मालिक के विवाद।
4: छोटे-मोटे संपत्ति और व्यापारिक लेनदेन के मामले।
पुलिस का संदेश:
प्रशिक्षित काउंसलर्स और मध्यस्थों की मदद से बिना किसी कठोर कानूनी कार्यवाही के, दोनों पक्षों की सहमति से विवाद हल करना हमारी प्राथमिकता है।

