इंदौर |(संभाग पोस्ट) पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच टीम को वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने फर्जी गोल्ड इन्वेस्टमेंट स्कीम के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले उत्तर प्रदेश के एक दंपति को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फरियादी को अपनी फर्म में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर गुमराह किया था।
मुख्य बातें:
1: आरोपी: शुभम शर्मा और पूजा शर्मा (निवासी: मथुरा, उत्तर प्रदेश)।
2: ठगी की राशि: लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपये।
3: धाराएं: अपराध क्रमांक 01/2026 के तहत बीएनएस (BNS) की धारा 318(4), 316(5), 61(2)।
मुनाफे का झांसा देकर ऐसे बिछाया जाल
इंदौर के निवासी अंकित बजाज ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी कि शुभम और पूजा शर्मा ने उन्हें अपनी गोल्ड फर्म में निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का लालच दिया था। आरोपियों ने विश्वास जीतने के लिए सोना और चांदी के आभूषणों के व्यापार का फर्जी प्रदर्शन भी किया।
पीड़ित का आरोप है कि निवेश करने के बाद आरोपियों ने न तो कोई मुनाफा दिया और न ही मूल राशि वापस लौटाई। इस तरह योजनाबद्ध तरीके से आरोपियों ने कुल 3.50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
तकनीकी साक्ष्यों से दबोचे गए शातिर ठग
पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम ने मामले की गहनता से जांच की। साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अवैध लाभ कमाने की नीयत से इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था।
क्या मिला आरोपियों के पास?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फ़ोन, बैंक पासबुक, चेकबुक बरामद की है और उनकी जांच जारी है:
पुलिस का कथन: “आरोपियों को फिलहाल रिमांड पर लिया गया है। उनके बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। हमें संदेह है कि इस गिरोह ने और भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया होगा, जिसका खुलासा पूछताछ के दौरान हो सकता है।”
“आपकी सुरक्षा – हमारा संकल्प” — क्राइम ब्रांच, इंदौर पुलिस कमिश्नरेट

