इंदौर |(संभाग पोस्ट) अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ इंदौर पुलिस का अभियान ‘प्रहार’ लगातार जारी है। इसी कड़ी में क्राइम ब्रांच इंदौर को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एमडी (MD) ड्रग्स तस्करी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे तीसरे आरोपी हसन अली को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य बातें:
1: आरोपी: हसन अली, निवासी- दौलतगंज, इंदौर।
2: जब्ती: पूर्व में आरोपियों से 14 ग्राम MD ड्रग्स बरामद (कीमत करीब ₹1.40 लाख)।
3: धाराएं: 8/22, 8/29 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज।
4: शिक्षा/पेशा: आरोपी 5वीं पास है और रिपेयरिंग का काम करता है।
कैसे खुली तस्करी की कड़ियां?
इंदौर पुलिस कमिश्नर द्वारा नशे के सौदागरों के विरुद्ध दिए गए सख्त निर्देशों के बाद क्राइम ब्रांच सक्रिय है। इस पूरे नेटवर्क का खुलासा तब शुरू हुआ जब 12 फरवरी 2026 को पुलिस ने कासिम खान नाम के आरोपी को ड्रग्स के साथ दबोचा था।
कासिम से पूछताछ के बाद रिजवान अंसारी (निवासी साउथ तोड़ा) की गिरफ्तारी हुई। रिजवान ने ही पुलिस को हसन अली के बारे में जानकारी दी थी, जो घटना के बाद से ही पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
तकनीकी सहायता से पकड़ा गया आरोपी
फरार आरोपी हसन अली की तलाश में क्राइम ब्रांच की टीम लगातार दबिश दे रही थी। सटीक मुखबिरी और तकनीकी साक्ष्यों (Technical Surveillance) की मदद से पुलिस ने हसन अली को दौलतगंज इलाके से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
“आरोपी से पूछताछ जारी है। हमें उम्मीद है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य ड्रग तस्करों और खरीदारों के नाम भी जल्द सामने आएंगे।” – क्राइम ब्रांच, इंदौर
पुलिस की आगामी रणनीति
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हसन अली यह ड्रग्स कहां से लाता था और शहर में किन-किन लोगों को इसकी सप्लाई की जा रही थी। इंदौर पुलिस का लक्ष्य शहर को ड्रग्स मुक्त बनाना है, जिसके लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है।

