राष्ट्रीय हथकरघा दिवस-2026 के अवसर पर कोष्टा-कोष्टी महासंघ द्वारा एक भव्य एवं गरिमापूर्ण ऑनलाइन समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री चतुर्भुज कोष्टा जी, कोषाध्यक्ष, के द्वारा की गई। महासंघ के अध्यक्ष श्री राजेश कोष्टा जी एवं महासचिव व संयोजक श्री शैलेन्द्र कुमार परेता जी के नेतृत्व तथा मुख्य सलाहकार श्री निर्मल कोष्टा जी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने समाज की एकता, शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार के प्रति महासंघ की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।
समारोह के मुख्य अतिथि श्री महिपाल सिंह जी, डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट, HDFC Bank रहे। उन्होंने समाज की एकता, शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक उत्थान के लिए महासंघ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा भविष्य में भी सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में दिल्ली, झांसी, अहमदाबाद, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, वारासिवनी, बालाघाट, गाडरवारा, बुरहानपुर, नागपुर, मुंबई, बेंगलुरु तथा छत्तीसगढ़ एवं झारखंड सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों की समितियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं AI Program सीखने वाले प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
समारोह के दौरान महासंघ के दो महत्वपूर्ण निदेशालयों का शुभारंभ किया गया—
* *Directorate – Employment*, जिसके निदेशक *श्री महिपाल सिंह जी* हैं, के माध्यम से रोजगार एवं करियर से जुड़े अवसरों को बढ़ावा देने की पहल।
* *Directorate – Education* के अंतर्गत *AI Program (Skill Development)*, जिसका शुभारंभ *AI Expert एवं Joint Director/KKM IT Team श्री रविकांत सिद्धे जी* द्वारा किया गया। यह पहल समाज के सदस्यों को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
हथकरघा एवं बुनकरी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाजबंधुओं को महासंघ द्वारा “कोष्टा-कोष्टी महासंघ के गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया।
*सम्मानित व्यक्तित्व:*1. श्री रमेश कोल्हे जी – बालाघाट 2. श्रीमती रखवंती पखाले जी – वारासिवनी 3. श्री विनोद कुमार कोष्टा जी – कालपी 4. श्री बबरू गढ़ेवाल जी – छिंदवाड़ा 5. श्री लवलेत पराते जी – छिंदवाड़ा 6. श्री शिव प्रसाद पराते जी – छिंदवाड़ा 7. श्री मिट्ठू लाल गरकाटे जी – नागपुर 8. श्री जुलाराम सोनकुसरे जी – नागपुर
महासंघ ने इन सभी सम्मानित समाजबंधुओं के योगदान को नमन करते हुए कहा कि हथकरघा हमारी समृद्ध विरासत, पहचान और कौशल का प्रतीक है*, जिसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में श्री सुरेश बारापात्रे जी ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, समितियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

