इंदौर |(संभाग पोस्ट) शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने ई-रिक्शा संचालन को लेकर बड़े बदलाव किए हैं। पलासिया स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में ई-रिक्शा के लिए ‘सेक्टर प्रणाली’ लागू करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक की मुख्य बातें: समन्वय से सुधरेगा ट्रैफिक
पुलिस उपायुक्त (प्रभारी यातायात) श्री राजेश कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ई-रिक्शा संघ के प्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों के बीच लंबी चर्चा हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य ई-रिक्शा संचालन को सुव्यवस्थित करना और शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाना था।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय:
1). 7 की जगह 4 सेक्टर: पूर्व में प्रस्तावित 7 सेक्टरों की योजना में बदलाव करते हुए अब पूरे शहर को 4 सेक्टरों में बांटने पर सहमति बनी है।
2). कलर कोडिंग: पहचान आसान बनाने के लिए हर सेक्टर के रिक्शों के लिए अलग-अलग कलर कोड निर्धारित किए जाएंगे।
3). ज़ोन के अनुसार रूट: इन चारों सेक्टरों का रूट निर्धारण इंदौर के 4 ट्रैफिक ज़ोन के आधार पर होगा, जिससे किसी भी एक सड़क पर रिक्शों का दबाव न बढ़े।
4). सेक्टर प्रबंधन: इस व्यवस्था को लागू करने में यातायात पुलिस के साथ ई-रिक्शा संघ की टीम भी समन्वय करेगी।
“16 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सेक्टर प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना को सार्वजनिक किया जाएगा।”

संगठनों ने दिया सहयोग का आश्वासन
बैठक में मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य श्री शरद नाईक, बैटरी ई-रिक्शा संघ के अध्यक्ष श्री राजेश बिडकर और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में पुलिस प्रशासन को सहयोग देने का वादा किया है ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुगम हो सके।
यातायात पुलिस की अपील
पुलिस ने सभी ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों और नए रूट चार्ट का पालन करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी, जबकि सहयोग करने वाले चालकों को व्यवस्थित संचालन में मदद मिलेगी।

