इंदौर |(संभाग पोस्ट) शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाया जा रहा ‘हेलमेट पहनें-सुरक्षित रहें’ अभियान आज एक नए पड़ाव पर पहुंचा। पलासिया चौराहे पर आयोजित 23वें वृहद कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर ने न केवल हेलमेट बांटे, बल्कि जिम्मेदार चालकों को सम्मानित कर एक नई मिसाल पेश की।
सख्ती और सुरक्षा का अनूठा संगम
पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में एक अनोखा नजारा देखने को मिला। ट्रैफिक पुलिस ने उन वाहन चालकों को रोका जिनके पास दस्तावेज तो पूरे थे लेकिन हेलमेट नदारद था।
- चालान के साथ सुरक्षा: नियम तोड़ने वालों का पहले चालान काटा गया, फिर उन्हें जीवन का महत्व समझाते हुए मुफ्त हेलमेट प्रदान किया गया।
- जिम्मेदार नागरिकों का सम्मान: जो चालक पहले से हेलमेट पहनकर चल रहे थे, उन्हें पुलिस कमिश्नर ने खुद रुकवाकर प्रशंसा की और उपहार भेंट किए।
अभियान के मुख्य आंकड़े
इंदौर पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे प्रयासों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है:
1). कुल आयोजित कार्यक्रम — 23
2). वितरित किए गए कुल हेलमेट — 3700+
3). मुख्य उद्देश्य — सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि को शून्य करना
4). सहभागी अधिकारी — सीपी संतोष कुमार सिंह, एडिशनल सीपी आर.के. सिंह, डीसीपी (यातायात) राजेश
त्रिपाठी
“हमारा उद्देश्य चालान काटना नहीं, बल्कि नागरिकों की जान बचाना है। हम चाहते हैं कि इंदौर का हर नागरिक स्वेच्छा से यातायात नियमों का पालन करे ताकि वह सुरक्षित अपने घर पहुंच सके”— संतोष कुमार सिंह, पुलिस आयुक्त, नगरीय इंदौर
आम जन की भागीदारी: अब जनता बनेगी ‘रोड सेफ्टी एंबेसडर’ - कार्यक्रम के दौरान कई युवाओं और बुजुर्गों ने पुलिस कमिश्नर के साथ अपने अनुभव साझा किए। वाहन चालकों ने न केवल खुद नियमों के पालन की शपथ ली, बल्कि यह संकल्प भी लिया कि वे समाज के अन्य लोगों को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करेंगे।
- अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) श्री आर.के. सिंह ने बताया कि यातायात पुलिस का यह जागरूकता अभियान शहर के विभिन्न चौराहों पर लगातार जारी रहेगा, ताकि इंदौर को यातायात के मामले में भी देश का नंबर-1 शहर बनाया जा सके।

