सनावद (खरगोन) |(संभाग पोस्ट) सनावद थाना क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। ग्राम मलगांव में एक महिला ने अपने ही तीन मासूम बच्चों को कुएं में फेंक कर मौत के घाट उतार दिया। मृतकों में 4 साल और ढाई साल के दो बेटों के साथ महज 20 दिन का दूधमुंहा शिशु भी शामिल है।
घटना का विवरण: खेत पर मजदूरी करने आया था परिवार
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, खंडवा जिले के खालवा ब्लॉक के ग्राम डेहरिया निवासी कालू पिता नाहर सिंह बारेला अपनी पत्नी नानी बाई और तीन बच्चों के साथ पिछले 8-10 दिनों से मलगांव में बलिराम भमोरिया के खेत पर गेहूं काटने आया था।
बुधवार सुबह करीब 9:00 बजे सूचना मिली कि खेत के कुएं में तीन बच्चे डूब गए हैं। सूचना मिलते ही एसडीओपी अर्चना रावत, थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव और तहसीलदार केसिया सिंह सोलंकी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से तीनों बच्चों के शवों को कुएं से बाहर निकाला गया।
मृतक बच्चों की पहचान:
- करण: उम्र 4 वर्ष
- अर्जुन: उम्र 2.5 वर्ष
- शिशु: उम्र मात्र 20 दिन
संदेह के घेरे में मां: पुलिस की पूछताछ में खुला झूठ
घटना के वक्त बच्चों का पिता कालू दूसरे खेत में काम करने गया था। घर पर सिर्फ नानी बाई और बच्चे थे। शुरुआती पूछताछ में महिला ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
- महिला का दावा: नानी बाई ने बताया कि करण और अर्जुन खेलते समय कुएं में गिर गए थे, जिन्हें बचाने के लिए वह गोद में 20 दिन के बच्चे को लेकर खुद भी कुएं में कूद गई।
- पुलिस का संदेह: जब पुलिस ने महिला को देखा, तो उसके न तो कपड़े गीले थे और न ही बाल। साथ ही उसे कुएं से बाहर निकलते हुए भी किसी ने नहीं देखा था।
“महिला के बयानों में काफी विरोधाभास है। प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। महिला का झूठ पकड़े जाने के बाद उससे सख्ती से पूछताछ की जा रही है।”—अर्चना रावत, एसडीओपी
इलाके में हड़कंप
खटिया पर जब तीनों मासूमों के शव कुएं से बाहर निकाले गए, तो देखने वालों की रूह कांप गई। गांव में मातम पसरा हुआ है और पुलिस इस जघन्य हत्याकांड के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

