इंदौर | (संभाग पोस्ट) गोमटगिरी स्थित गोवर्धन गौशाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन प्रख्यात कथावाचक पंडित कमल किशोर जी नागर ने श्रद्धालुओं को मानवता और सदाचार का मार्ग दिखाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज से बुराइयों को मिटाने के लिए अज्ञान और अवगुणों के खिलाफ आवाज उठाना अनिवार्य है।
कथा के खास अंश
- वक्ता की भूमिका: नागर जी ने कहा कि यदि वक्ता और श्रोता दोनों जागरूक रहकर अपनी आवाज बुलंद रखें, तो समाज से विकृतियाँ दूर होंगी।
- अग्नि का महत्व: उन्होंने अग्नि के भेदों को समझाते हुए कहा कि जहाँ यज्ञ की अग्नि शुद्ध और वंदनीय है, वहीं श्मशान की अग्नि अशुद्ध मानी जाती है। परमात्मा सदैव केवल ‘शुभ’ और ‘पवित्र’ ही स्वीकार करते हैं।
- श्रद्धालुओं का सैलाब: कथा के छठे दिन तक लगभग 3 लाख से अधिक श्रद्धालु पुण्य लाभ ले चुके हैं। प्रतिदिन 50 से 60 हजार लोग गोवर्धन गौशाला पहुँच रहे हैं।

दिग्गजों ने किया व्यास पीठ का पूजन
कथा के दौरान आध्यात्मिक वातावरण के बीच कई गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। व्यास पीठ का पूजन मुख्य रूप से निम्नलिखित अतिथियों द्वारा किया गया:
- तुलसीराम सिलावट (मंत्री)
- मनोज पटेल (विधायक)
- राधेश्याम पटेल (बिचौली)
इस अवसर पर महेंद्र पटेल, यशवंत पटेल, सरदार सिंह सोलंकी, विनोद सोलंकी और संतोष निमचा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने महाराज श्री का सम्मान किया।
“भगवान हमेशा अच्छा और पवित्र ही ग्रहण करते हैं। हमें अपने भीतर के अज्ञान को मिटाकर एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए।” — पं. कमल किशोर नागर
कल होगा कथा का भव्य समापन
मंगलवार को इस सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन होगा। अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। आयोजन स्थल पर भजन-कीर्तन का दौर लगातार जारी है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है।

