(संभाग पोस्ट) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को अलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में आयोजित स्थानीय भगोरिया पर्व में शामिल हुए। फाल्गुन मास के रंगों और मांदल की थाप के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि भगोरिया पर्व केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति, सामाजिक स्नेह और परंपरागत जीवन मूल्यों का एक जीवंत उत्सव है।
मुख्य बिंदु:
1). सांस्कृतिक गौरव: मुख्यमंत्री ने भगोरिया को जनजातीय संस्कृति, प्रेम और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।
2). परंपरा का सम्मान: डॉ. यादव का पारंपरिक रीति-रिवाजों और तीर-कमान भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।
3). सरकार का संकल्प: जनजातीय विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए मध्य प्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध।
4). उत्सव का रंग: मांदल और ढोल की थाप पर थिरके युवा, पारंपरिक आभूषणों से सराबोर दिखा जनसमुदाय।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अलीराजपुर की इस पावन धरा पर पारंपरिक लोकधुनों और नृत्य के उल्लास ने पूरे क्षेत्र को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
“विरासत को विकास की राह पर ले जाने के संकल्प के साथ इस उल्लासमय पर्व को गरिमा और भव्यता प्रदान की गई है। यह आयोजन हमारी संवेदनशील सोच और सशक्त पहचान का प्रतिबिंब है।”— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
परंपरा और आधुनिकता का संगम
भगोरिया उत्सव के दौरान पूरा उदयगढ़ जनजातीय संस्कृति के रंगों में रंगा नजर आया। उत्सव की झलकियां कुछ इस प्रकार रहीं:
1). पारंपरिक वेषभूषा: पुरुष वर्ग पारंपरिक धोती, अंगोछा और साफा पहने हुए थे, वहीं महिलाएं कांचली, घाघरा, ओढ़नी और कढ़ाईयुक्त परिधानों में सजी थीं।
2). आभूषणों की झंकार: चांदी के हार, हांसली, कड़े और पायल की खनक ने उत्सव में चार चांद लगा दिए।
3). लोक संगीत: मांदल और ढोल की थाप पर ‘कुर्ता कुर्राटियों’ के साथ युवाओं के सामूहिक लोकनृत्य ने माहौल को जीवंत बना दिया।
गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने स्थानीय नागरिकों के उत्साह को दोगुना कर दिया है। कार्यक्रम में पूर्व सांसद गुमानसिंह डामोर, पूर्व विधायक माधोसिंह डावर, विशाल रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष समेत संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े और कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर भी उपस्थित रहीं।
प्रशासनिक सतर्कता और जनभागीदारी
सम्पूर्ण क्षेत्र में उत्सव और सांस्कृतिक चेतना का वातावरण व्याप्त रहा। बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर अपनी खुशी जाहिर की।

