खरगोन | (संभाग पोस्ट) भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
इंदौर लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को खरगोन जिले की जनपद पंचायत भगवानपुरा में पदस्थ लेखा अधिकारी (Accountant) महेंद्र सिंह चौहान को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, बिष्टान निवासी ठेकेदार राजेश पंवार ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि पंचायतों में किए गए निर्माण कार्यों के ठहराव प्रस्ताव और फाइलों की स्वीकृति के बदले में लेखा अधिकारी महेंद्र सिंह चौहान लगातार पैसों की मांग कर रहा था।
1). पहले भी ली थी रिश्वत: आरोपी अधिकारी पहले ही फरियादी से ₹20,000 ले चुका था।
2). बड़ी मांग: इसके बाद उसने जनपद पंचायत भगवानपुरा की सीईओ (CEO) कंचन डोंगरे के नाम पर कुल ₹50,000 की रिश्वत मांगी थी।
लोकायुक्त का जाल और गिरफ्तारी
शिकायत की पुष्टि होने के बाद, लोकायुक्त इंदौर की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही ठेकेदार ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये लेखा अधिकारी को सौंपे, टीम ने उसे धर दबोचा।
“यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान के नेतृत्व में की गई है। भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।” — लोकायुक्त टीम
मुख्य बिंदु:
1). आरोपी का नाम: महेंद्र सिंह चौहान (लेखा अधिकारी)
2). फरियादी: राजेश पंवार (ठेकेदार)
3). रिश्वत की राशि: ₹10,000 (पकड़े गए), ₹50,000 (कुल मांग)
4). कार्रवाई: टीम लोकायुक्त इंदौर (डीएसपी सुनील तालान व टीम)
5). स्थान: जनपद पंचायत भगवानपुरा, खरगोन
जांच के घेरे में अन्य अधिकारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए खरगोन स्थित सर्किट हाउस लाया गया है। लोकायुक्त पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस रिश्वतखोरी में जनपद के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे, क्योंकि आरोपी ने सीईओ के नाम पर पैसों की मांग की थी।

