इन्दौर |(संभाग पोस्ट) महिलाओ की सुरक्षा, अपराध निवारण और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से इंदौर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर, श्री संतोष कुमार सिंह के मार्गदर्शन में कल 20 फरवरी को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों और विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिलाओं को कानूनी प्रावधानों, शासन की योजनाओं और सुरक्षा हेल्पलाइन्स से रूबरू कराना था।
कार्यशाला की मुख्य झलकियाँ
कार्यशाला में इंदौर के बाणगंगा, खजराना, विजय नगर, भागीरथपुरा और आजाद नगर जैसे क्षेत्रों से आई सामाजिक रूप से सक्रिय महिलाओं (शौर्य दल, सेवा दल) ने हिस्सा लिया।
1: विशिष्ट अतिथि: अति. पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) श्री आर.के. सिंह।
2: संचालन: अति. पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा शाखा) सुश्री संध्या राय।
3: सहभागी संस्थाएं: महिला बाल विकास विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA), चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और ‘आरंभ’ एनजीओ।
विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी
कार्यशाला के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने महिला सुरक्षा के अलग-अलग पहलुओं पर प्रकाश डाला:
1: श्री आर.के. सिंह (अति. पुलिस आयुक्त) महिला सुरक्षा में समाज की भागीदारी और कानूनी प्रावधान।
2: श्री महेंद्र पाठक (महिला बाल विकास) बाल विवाह की रोकथाम और प्रशासन की कार्ययोजना।
3: श्रीमती सौम्या सिंह बघेल (कानूनी विशेषज्ञ) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मिलने वाली कानूनी सहायता।
4: श्रीमती मधुमति (CWC/आरंभ एनजीओ) पॉक्सो एक्ट (POCSO), जे.जे. एक्ट और एनजीओ की भूमिका।
5: सुश्री संध्या राय (अति. पुलिस उपायुक्त) थानों में ‘ऊर्जा डेस्क’ की कार्यप्रणाली और तत्काल सहायता।
संकट के समय इन हेल्पलाइन्स का करें उपयोग
इंदौर पुलिस ने महिलाओं की सुविधा के लिए जारी विभिन्न हेल्पलाइन्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क कर सकें:
1: इमरजेंसी रिस्पॉन्स: 112 (डायल-112)
2: महिला हेल्पलाइन: 181
3: साइबर हेल्पलाइन: 1930 / 7049124445
4: क्राइम वॉच: 7049108283
5: व्ही केयर फॉर यू: 7049124444
“महिलाओ संबंधी अपराधों को रोकने के लिए पुलिस के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। हमें निरंतर जन-जागरूकता के प्रयास करने होंगे।”— श्री आर.के. सिंह, अति. पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय)
कार्यशाला के अंत में महिलाओं ने अपनी जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के सामने रखीं और सुरक्षा के प्रति अपनी समझ को और गहरा किया। इस तरह के आयोजनों से न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि अपराधी तत्वों में पुलिस और समाज की एकजुटता का डर भी पैदा होता है।

