खरगोन (Sambhagpost News): जिले के समीपी ग्राम निमगुल में किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। यहाँ सिंचाई योजना की नहर अचानक फूटने से खेतों में पानी भर गया, जिससे रबी की फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। आक्रोशित किसानों ने कलेक्टर, प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
- नहर टूटने से तबाही: ग्राम निमगुल में सिंचाई नहर फूटने से पानी खेतों में घुसा।
- दोहरी मार: अधूरी पुलिया निर्माण के कारण नहीं हो सकी पानी की निकासी।
- प्रशासन से गुहार: किसानों ने कलेक्टर से सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की।
अचानक नहर फूटी, खेत बने तालाब

ग्राम निमगुल के किसानों के लिए यह घटना किसी आफत से कम नहीं रही। किसानों ने बताया कि सिंचाई नहर अचानक फूट गई, जिससे तेज बहाव के साथ पानी खेतों में घुस गया। इस कारण खेतों में खड़ी रबी की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। फसलें डूबने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है।
पंचायत की लापरवाही: 6 महीने से अधूरी पुलिया बनी विलेन

किसानों का आरोप है कि नुकसान सिर्फ़ नहर फूटने से नहीं, बल्कि पंचायत की लापरवाही से भी बढ़ा है।
- क्षेत्र में एक पुलिया का निर्माण कार्य पिछले 6 महीने से कछुआ गति से चल रहा है।
- अधूरे निर्माण के कारण पानी की निकासी का रास्ता ब्लॉक हो गया है।
- किसानों का कहना है कि बारिश का दौर थमने के बावजूद नाला जलमग्न है। यदि समय रहते पुलिया बन जाती, तो नहर का पानी खेतों में भरने के बजाय नाले से बाहर निकल जाता।
किसानो ने लगाई कलेक्टर से गुहार
नुकसान से परेशान किसान महेश, श्रीराम, दशरथ और अन्य साथी कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि पंचायत की लेटलतीफी और नहर विभाग की कमी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द खराब हुई फसलों का सर्वे करवाया जाए और पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।

