इंदौर (Sambhagpost News): इंदौर पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। जूनी इंदौर पुलिस ने महज चंद घंटों के भीतर दो अलग-अलग चार पहिया वाहन चोरी की वारदातों का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि उनके पास से लगभग 10 लाख रुपये कीमत के वाहन (एक टाटा एस और एक आई-20 कार) भी बरामद कर लिए हैं।
इस खुलासे में सबसे चौंकाने वाला तथ्य आई-20 कार चोरी का है, जहाँ कार का पूर्व मालिक ही चोर निकला।
हाईलाइट्स:
- तेज कार्रवाई: पुलिस ने 500 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालकर 24 घंटे में आरोपियों को दबोचा।
- अनोखा मामला: 2 साल पहले बेची कार का नाम ट्रांसफर नहीं हुआ, तो पूर्व मालिक ने डुप्लीकेट चाबी से चुरा ली गाड़ी।
- बरामदगी: लगभग 10 लाख रुपये कीमत के दो वाहन (Tata Ace और Hyundai i-20) जब्त।
क्या है पूरा मामला?
जूनी इंदौर पुलिस थाना क्षेत्र में दिनांक 31 जनवरी 2026 की रात दो अलग-अलग स्थानों से वाहन चोरी हुए थे:
- टाटा एस (MP68J5522): पंजाब नेशनल बैंक के सामने, गुलजार चौराहे से (फरियादी: हनिफ खान)।
- हुंडई आई-20 (MP09CS0806): मोरी वाले बाबा दरगाह के पास से (फरियादी: मोहम्मद सोहेल खान)।
फरियादियों की रिपोर्ट पर पुलिस ने तुरंत धारा 303 (2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
500 से ज्यादा CCTV फुटेज और पुलिस की मेहनत
पुलिस आयुक्त संतोष सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी जूनी इंदौर ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और घटनास्थल से लेकर शहर भर के लगभग 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए।
तकनीकी साक्ष्यों और फुटेज का पीछा करते हुए पुलिस ने:
- टाटा एस वाहन को सिमरोल बाईग्राम में मंदिर के पास से बरामद किया।
- आई-20 कार को ग्राम बंजारी में रमीज राजा खान के गोडाउन से बरामद किया।
साजिश: पूर्व मालिक ने ही रची चोरी की कहानी
पूछताछ के दौरान आई-20 कार चोरी में एक दिलचस्प खुलासा हुआ। आरोपी रमीज राजा खान (निवासी ग्राम करोदिया) ही इस कार का पुराना मालिक था। उसने यह कार 2 साल पहले इंदौर निवासी मोहम्मद सोहेल खान को बेच दी थी।
चूंकि कार का नाम ट्रांसफर नहीं हुआ था, रमीज ने इसका फायदा उठाने की साजिश रची। उसने माणिकबाग स्थित मैकेनिक जाहिद हुसैन के गैरेज की रेकी की और मौका पाकर अपनी ही पुरानी कार चोरी कर ली। पुलिस की सख्ती के बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी जूनी इंदौर निरीक्षक अनिल कुमार गुप्ता के नेतृत्व में प्र.आर. किशोर सोनगरा, आर. श्याम मालवीय, आर. योगेश जाट, आर. कपिल रावत, आर. त्रिलोक और आर. गोविंदा का विशेष योगदान रहा।
पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।

