इंदौर। शहर के बाणगंगा स्थित ऐतिहासिक बाणेश्वर कुंड पर इस वर्ष महाशिवरात्रि का उत्सव एक बड़े ‘महाकुंभ’ के रूप में मनाया जाएगा। 13 से 15 फरवरी तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की रस्में पारंपरिक वैदिक विधि-विधान से संपन्न होंगी।
संस्था नमो गृह (शनि) एवं ‘सत्यमेव जयते’ द्वारा आयोजित यह उत्सव इस वर्ष अपने 22वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें क्षेत्र की 100 से अधिक कॉलोनियों के रहवासी और हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।
कार्यक्रम की रूपरेखा: रस्मों से लेकर राजशाही ठाठ तक
आयोजन को लेकर पार्षद शिवम यादव और पूर्व पार्षद केके यादव ने बताया कि तीन दिनों तक भक्ति और उत्सव का माहौल रहेगा:
- 13 फरवरी: उत्सव की शुरुआत गणेश पूजन और अनुष्ठान से होगी। इसी दिन हल्दी, मेहंदी, कुमकुम और दुरदुरैया जैसी वैवाहिक रस्में निभाई जाएंगी।
- 14 फरवरी: भगवान के विवाह की खुशी में विशाल ‘रतजगा’ (रात्रि जागरण) का आयोजन होगा।
- 15 फरवरी (महाशिवरात्रि): इस दिन आयोजन का मुख्य आकर्षण भव्य शोभायात्रा होगी। यह यात्रा बाणेश्वर कुंड से शुरू होकर मरीमाता चौराहे तक पहुंचेगी।
शोभायात्रा की खास बातें
- मातृ शक्ति का संगम: शोभायात्रा में लगभग 10 हजार महिलाएं सिर पर कलश लेकर चलेंगी।
- सर्वधर्म समभाव: यात्रा में साधु-संतों और महंतों के साथ-साथ सभी धर्मों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, खिलाड़ी और प्रबुद्धजन शिरकत करेंगे।
- सामाजिक संदेश: पार्षद शिवम यादव के अनुसार, यात्रा के माध्यम से ‘बेटी बचाओ’, ‘पर्यावरण संरक्षण’ और ‘जल बचाओ’ जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश दिए जाएंगे।
- स्वच्छता का संकल्प: इंदौर की परंपरा को कायम रखते हुए शोभायात्रा के साथ सफाई अमला भी मौजूद रहेगा, जो मार्ग को तुरंत साफ करता हुआ चलेगा।
तैयारियों का दौर जारी: बुधवार को आयोजित एक विशेष बैठक में कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा तय की गई। इस दौरान श्रीमती मंजू यादव, तारा यादव, अर्चना गायकवाड़, रानी वर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

